भारत सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कार 2026 की सूची केवल नामों का संग्रह नहीं, बल्कि प्रतिभा, समर्पण और राष्ट्र के प्रति सेवा की एक गौरवशाली गाथा है। इस वर्ष की सूची में मनोरंजन जगत के दिग्गज सितारों से लेकर जमीन से जुड़े 'गुमनाम नायकों' तक को शामिल किया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत की गहराई को दर्शाता है।
धर्मेंद्र जी: एक युग का अंत और अमर सम्मान
हिंदी सिनेमा के असली 'ही-मैन' धर्मेंद्र जी को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाना उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए एक अत्यंत भावुक क्षण है। पंजाब की मिट्टी से निकलकर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी धाक जमाने वाले धरम पाजी ने दशकों तक दर्शकों को हंसाया, रुलाया और अपने एक्शन से रोमांचित किया। उनका यह सम्मान उनके उस विराट व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि है, जिसने भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान दी। भले ही वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन यह पुरस्कार उनकी विरासत को हमेशा के लिए अमर कर देता है।
ममूटी और अलका याग्निक: साधना की गौरवशाली जीत
कला जगत में अपनी तपस्या से मुकाम हासिल करने वाले दो और बड़े नामों—ममूटी और अलका याग्निक को पद्म भूषण से नवाजा गया है।
* ममूटी: मलयालम सिनेमा के स्तंभ और भारतीय फिल्म उद्योग के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक, ममूटी की अभिनय यात्रा हर उभरते कलाकार के लिए एक पाठशाला है।
* अलका याग्निक: अपनी मखमली आवाज से न जाने कितनी पीढ़ियों के दिलों पर राज करने वाली अलका जी को मिला यह सम्मान उनकी सुरों की साधना और संगीत के प्रति उनकी निष्ठा की जीत है।
131 नाम: गुमनाम नायकों का उदय
इस वर्ष कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों के लिए चुना गया है। इस लिस्ट की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें कई ऐसे 'गुमनाम नायक' शामिल हैं, जो बिना किसी प्रचार के समाज के अंतिम छोर पर बदलाव ला रहे हैं। चाहे वो शिक्षा का क्षेत्र हो, चिकित्सा हो या समाज सेवा, इन नायकों ने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा की है।
पद्म पुरस्कारों की यह सूची विविधता में एकता का बेहतरीन उदाहरण है। जहाँ एक तरफ ग्लैमर जगत की बड़ी हस्तियां हैं, वहीं दूसरी तरफ मिट्टी से जुड़े वो लोग हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से देश का मान बढ़ाया है। भारत की इस महान और जीवंत विरासत को हमारा कोटि-कोटि नमन! 🇮🇳✨
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