लेकिन सवाल यह उठता है कि सोने की कीमतों में लगी यह 'आग' क्या सिर्फ एक संयोग है, या इसके पीछे वैश्विक व्यवस्था में आ रही कोई बड़ी उथल-पुथल जिम्मेदार है?
कीमतों में उछाल के 3 मुख्य कारण
1. भू-राजनीतिक अस्थिरता (Geopolitical Volatility)
इतिहास गवाह है कि जब-जब दुनिया में युद्ध या संघर्ष की आहट होती है, सोना अपनी चमक बिखेरने लगता है। वर्तमान में मिडिल-ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ता तनाव और NATO के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है। जब भरोसा सरकारों और कागजी मुद्रा (Currency) से डगमगाता है, तो दुनिया वापस सोने की शरण में जाती है।
2. आर्थिक असुरक्षा और मुद्रास्फीति
दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई (Inflation) और मंदी के मिश्रित संकेतों ने निवेशकों को वैकल्पिक संपत्तियों की ओर धकेला है। सोने को हमेशा से महंगाई के खिलाफ एक 'हेज' (Hedge) माना गया है, और $5,000 का स्तर इस बात की पुष्टि करता है।
3. केंद्रीय बैंकों की रणनीति
पिछले कुछ महीनों में भारत, चीन और रूस जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में सोने की मात्रा को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाया है। डॉलर पर निर्भरता कम करने की इस होड़ ने सोने की मांग को सप्लाई से कहीं आगे पहुंचा दिया है।
एक नया मील का पत्थर: $5,000 का महत्व
यह सिर्फ एक नंबर नहीं है। $5,000 का स्तर पार होना यह दर्शाता है कि अब वैश्विक अर्थव्यवस्था 'नॉर्मल' नहीं रह गई है। यह निवेशकों के लिए एक चेतावनी भी है और अवसर भी। जहां पुराने निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है, वहीं नए खरीदारों के लिए अब जोखिम और रिवॉर्ड का अनुपात बदल गया है।
निष्कर्ष: आगे क्या?
सोने की यह रिकॉर्ड तोड़ बढ़त फिलहाल थमने वाली नहीं दिख रही है, क्योंकि जब तक दुनिया में तनाव के बादल छाए रहेंगे, सोने की मांग बढ़ती रहेगी। हालांकि, एक समझदार निवेशक के तौर पर आपको इस स्तर पर 'FOMO' (छूट जाने का डर) में आकर बड़ा निवेश करने के बजाय, बाजार की स्थिरता का इंतज़ार करना चाहिए।
सोने में निवेश हमेशा लंबी अवधि के लिए करें। मौजूदा कीमतों को देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह लेना उचित होगा।
क्या आपको लगता है कि सोने की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं? अपने विचार कमेंट्स में साझा करें!
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