Tuesday, February 10, 2026

सीबीएसई का बड़ा फैसला: अब कक्षा 12वीं की कॉपियों की होगी 'ऑन-स्क्रीन' चेकिंग!

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। अब कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Books) का मूल्यांकन पारंपरिक तरीके के बजाय ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
यह कदम बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM)?
सरल शब्दों में कहें तो, अब शिक्षकों को कॉपियां जांचने के लिए कागज और पेन की जरूरत नहीं होगी। उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाएगा और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर उन्हें डिजिटल रूप से चेक करेंगे।
नोट: ध्यान दें कि यह नियम फिलहाल केवल कक्षा 12वीं के लिए लागू है। कक्षा 10वीं की कॉपियों की चेकिंग अभी पहले की तरह 'फिजिकल मोड' में ही जारी रहेगी।

OSM के मुख्य लाभ:
बोर्ड ने इस नई प्रणाली को लागू करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए हैं:
टोटलिंग की गलतियां खत्म: अक्सर कॉपियां जांचते समय नंबर जोड़ने में मानवीय चूक हो जाती है, जो डिजिटल सिस्टम में नहीं होगी।
तेजी से परिणाम: डिजिटल होने के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी, जिससे रिजल्ट जल्दी घोषित किए जा सकेंगे।
शिक्षकों की सुविधा: अब शिक्षक अपने स्कूल में रहकर ही मूल्यांकन कार्य कर सकेंगे, जिससे उनका यात्रा का समय और खर्च बचेगा।
पारदर्शिता और सुरक्षा: उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म होगी और डेटा सुरक्षित रहेगा।
पर्यावरण के अनुकूल: कागजी कार्रवाई कम होने से यह एक 'इको-फ्रेंडली' कदम है।

स्कूलों को क्या तैयारी करनी होगी?
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को अपनी बुनियादी सुविधाओं (Infrastructure) को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों के पास निम्नलिखित सुविधाएं होनी अनिवार्य हैं:
1. पब्लिक स्टैटिक आईपी (Public Static IP) के साथ कंप्यूटर लैब।
2. विंडोज 8 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम और कम से कम 4 GB रैम वाले कंप्यूटर।
3. न्यूनतम 2 Mbps की इंटरनेट स्पीड और निर्बाध बिजली आपूर्ति (UPS)।
4. लेटेस्ट ब्राउजर (Chrome/Edge/Firefox) और एडोब रीडर (Adobe Reader)।

आगे की प्रक्रिया
शिक्षकों को इस नई प्रणाली से परिचित कराने के लिए सीबीएसई जल्द ही ट्रेनिंग प्रोग्राम, ड्राई रन और निर्देश वीडियो जारी करेगा। शिक्षकों को उनकी OASIS ID के माध्यम से सिस्टम में लॉग इन करने की अनुमति दी जाएगी।

निष्कर्ष:
सीबीएसई का यह डिजिटल कदम शिक्षा जगत में एक नई दिशा है। इससे न केवल मूल्यांकन में सटीकता आएगी, बल्कि छात्रों का भरोसा भी बढ़ेगा कि उनकी मेहनत का सही और निष्पक्ष आंकलन हो रहा है।
क्या आप इस बदलाव से खुश हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!

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